अध्याय 102

लैला ने धुँधली-सी आँखें खोलीं तो ऊपर सेथ दिखा। उसके बाल बिखरे हुए थे, माथा पसीने से भीगा था, आँखों के किनारों पर चाहत की लाली थी और पतले होंठ आनंदभरी कराह के साथ हल्के खुले हुए—तृप्ति की जीती-जागती तस्वीर।

वह उसे छेड़े बिना नहीं रह सकी। “इतनी जल्दी थक गए?”

उसके शब्द सुनते ही सेथ ने एकदम अपनी हरकत ...

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